सूत्रों ने बताया कि सऊदी अरब के रक्षा उपमंत्री ख़ालिद बिन सलमान जो सऊदी क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान के भाई हैं सनआ पर नियंत्रण रखने वाले अंसारुल्लाह आंदोलन की सुप्रीम पोलिटिकल काउंसिल के प्रमुख से प्रत्यक्ष वार्ता कर रहे हैं।
सूत्रों के हवाले से अलजज़ीरा ने ख़बर दी है कि अंसारुल्लाह की ओर से एक पक्षीय रूप से संघर्ष विराम की घोषणा के कुछ दिन बाद यह संपर्क हुआ है।
सूत्रों का कहना है कि सऊदी क्राउन प्रिंस ने महदी मश्शात के सामने संयुक्त कमेटी के गठन का प्रस्ताव रखा है ताकि तनाव कम हो और सऊदी अरब-यमन सीमा पर दोनों पक्षों के बीच पूर्ण संघर्ष विराम के लिए हालात अनुकूल हों।
अंसारुल्लाह ने इस बारे में अभी कोई भी टिप्पणी करने से इंकार किया है। अंसारुल्लाह के एक अधिकारी ने कथित रूप से यह भी कहा है कि सऊदी अरब का प्रस्ताव सार्थक है लेकिन इस पर अभी बातचीत और कई बिंदुओं पर सहमति की ज़रूरत है। अधिकारी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि प्रत्यक्ष संपर्क की बात विश्वसनीय नहीं है क्योंकि यदि सऊदी अरब प्रत्यक्ष संपर्क की बात रखेगा तब भी हम उस पर भरोसा नहीं करेंगे क्योंकि हो सकता है कि रियाज़ सरकार इस प्रकार का संपर्क स्थापित करके टारगेट किलिंग की कोशिश करे।
अगर रियाज़ सरकार यमन युद्ध रोकने के रास्ते पर आगे बढ़ती है तो यह कहना होगा कि देर से ही सही उसे अक़्ल आई है क्योंकि इस युद्ध से उसे भारी नुक़सान के अलावा कुछ नहीं मिला है।